लिरिक्स
प्रस्तावना
जब रातें लंबी हो जाएँ,
जब राहें खोने लगें,
जब दिल के सारे सपने,
आँखों में रोने लगें...
तब एक आवाज़ आती है,
जो कहती है—डर मत तू,
अँधियारे के उस पार भी,
तेरी रोशनी है यीशु...
मुखड़ा
तू ही पुनरुत्थान,
तू ही जीवन,
तू ही मेरी आशा है।
टूटा जो दिल, जोड़ने वाला,
यीशु तू ही सहारा है।
अंतरा 1
जहाँ इंसान ने छोड़ा मुझे,
वहाँ तूने थामा हाथ,
जहाँ कोई साथ न था मेरे,
तू चला मेरे साथ।
मेरी आँखों के आँसू तूने,
अपने दिल में रख लिए,
मेरे सूने जीवन में प्रभु,
नए गीत भर दिए।
जो कल था मेरा डर,
आज वही मेरी गवाही है,
मेरी हर साँस पुकारे—
यीशु, तू ही ज़िंदगी है।
मुखड़ा
तू ही पुनरुत्थान,
तू ही जीवन,
तू ही मेरी आशा है।
मृत्यु पर जय पाने वाले,
यीशु तू ही सहारा है।
अंतरा 2
बेथानी की उस राह में,
जब शोक का साया था,
एक परिवार की आँखों में,
दर्द समाया था।
लेकिन जहाँ सबने सोचा,
अब कोई राह नहीं,
वहीं जीवन की आवाज़ ने कहा—
अंत अभी आया नहीं।
यीशु, तेरी आवाज़ में,
जीवन की शक्ति है,
बंद दरवाज़ों के पीछे भी,
तेरी ही उपस्थिति है।
जो खो गया है जीवन में,
तू फिर से दे सकता है,
सूखी हुई उम्मीदों में,
फिर से फूल खिला सकता है।
प्री-कोरस
जब मेरी शक्ति खत्म हो जाए,
तब तू मेरी शक्ति बनना।
जब मेरी उम्मीद टूट जाए,
तब तू मेरा विश्वास बनना।
मैं अपनी राह नहीं जानता,
पर इतना जानता हूँ—
तू मेरे साथ है यीशु,
इसलिए मैं नहीं डरता हूँ।
कोरस
तू ही पुनरुत्थान,
तू ही जीवन,
तू ही मेरी आशा है।
अंधकार में दीपक बनकर,
यीशु तू ही उजाला है।
तू ही मेरा जीवन,
तू ही मेरा विश्वास,
तेरे चरणों में प्रभु,
मेरा हर एक श्वास।
तू ही पुनरुत्थान,
तू ही जीवन,
तू ही मेरी आशा है।
मृत्यु पर जय पाने वाले,
यीशु तू ही सहारा है।
ब्रिज 1
अगर दुनिया मुझे भूल जाए,
तू मुझे कभी न भूलना।
अगर कदम मेरे रुक जाएँ,
तू मुझे फिर से चलना सिखाना।
मेरी कमजोरी में सामर्थ्य बन,
मेरी रात में सुबह बन।
मेरे टूटे हुए मन में,
यीशु तू अपना घर बना।
मैं जो कुछ हूँ, तेरा हूँ,
मेरी हर साँस तेरी है।
आज भी मेरी आत्मा कहती—
मेरी आशा बस तेरी है।
ब्रिज 2
मृत्यु अंतिम शब्द नहीं,
जब यीशु साथ खड़ा है।
आँसू अंतिम गीत नहीं,
क्योंकि प्रभु जीवन देता है।
जो पत्थर रास्ते में आया,
तू उसे भी हटा सकता है।
जो सपना बुझ गया है,
तू फिर उसे जगा सकता है।
यीशु... यीशु...
मेरी आशा यीशु...
यीशु... यीशु...
मेरा जीवन यीशु...
अंतिम कोरस
तू ही पुनरुत्थान,
तू ही जीवन,
तू ही मेरी आशा है।
मेरे कल का, मेरे आज का,
यीशु तू ही रास्ता है।
तू ही मेरा जीवन,
तू ही मेरा विश्वास,
तेरे नाम में प्रभु,
मिलती है मुझे आस।
तू ही पुनरुत्थान,
तू ही जीवन,
तू ही मेरी आशा है।
हर अंधकार के बाद प्रभु,
तेरी सुबह आती है।
समापन
जब तक मेरी साँस चले,
तेरा नाम मैं गाता रहूँ।
जब तक मेरा दिल धड़के,
तेरे प्रेम में जीता रहूँ।
तू ही मेरा जीवन...
तू ही मेरी आशा...
तू ही पुनरुत्थान...
तू ही जीवन...
यीशु... तू ही जीवन...
