लिरिक्स
प्रस्तावना
मेरी रूह तुझे ढूँढती है,
मेरी रूह तुझे पुकारती है,
सूखे हुए इस दिल की ज़मीन,
तेरी बारिश को चाहती है।
मेरे ख़ुदा... मेरे ख़ुदा...
मुझे बस तू चाहिए...
मेरे यीशु... मेरे यीशु...
मुझे बस तू चाहिए...
अंतरा 1
सुबह की पहली किरण में,
तेरा चेहरा मैं खोजूँ,
रात की खामोशी में भी,
तेरी आवाज़ को सुनूँ।
दुनिया दे लाखों सहारे,
दिल को चैन कहाँ मिलता है,
जब तक तू पास न हो मेरे,
मन मेरा कहाँ संभलता है।
मेरी आँखें राह निहारें,
कब तू मुझसे बात करेगा,
मेरी हर एक साँस ये बोले,
कब दिल तेरा नाम कहेगा।
प्री-कोरस
ना दौलत की चाह मुझे,
ना दुनिया की शान चाहिए,
मेरे दिल की एक ही पुकार—
मुझे तेरी मौजूदगी चाहिए।
कोरस
मेरी रूह तुझे ढूँढती है,
मेरी रूह तुझे चाहती है,
जैसे धरती बारिश चाहे,
वैसे तुझे पुकारती है।
तू ही मेरा जीवन है,
तू ही मेरी आस है,
मेरे यीशु, मेरे ख़ुदा,
तू ही मेरी प्यास है।
अंतरा 2
जब राहों में धुंध छा जाए,
जब कदम मेरे रुक जाएँ,
तेरा हाथ मुझे थाम ले प्रभु,
तेरे पीछे फिर चल पाऊँ।
जब दिल मेरा टूटने लगे,
जब आँसू आँखों में आएँ,
तू मेरे पास बैठकर प्रभु,
मेरी चुप्पी को समझ जाए।
तू चट्टान है मेरे जीवन की,
तू मेरा मज़बूत सहारा,
तू ही मेरी ढाल है प्रभु,
तू ही मेरा किनारा।
कोरस
मेरी रूह तुझे ढूँढती है,
मेरी रूह तुझे चाहती है,
जैसे धरती बारिश चाहे,
वैसे तुझे पुकारती है।
तू ही मेरा जीवन है,
तू ही मेरी आस है,
मेरे यीशु, मेरे ख़ुदा,
तू ही मेरी प्यास है।
अंतरा 3 (प्रार्थना)
जहाँ भी जाऊँ तू साथ चले,
जहाँ भी रुकूँ तू पास रहे,
मेरे होंठों पर तेरा नाम,
मेरे दिल में तेरा राज रहे।
मेरी कमज़ोरी तू जानता है,
मेरी कहानी तू जानता है,
मैं गिर जाऊँ तो उठा मुझे,
तू ही मुझे संभालता है।
कल की चिंता तुझको दूँ मैं,
आज तुझमें आराम करूँ,
अपनी सारी ज़िंदगी प्रभु,
तेरे नाम मैं वार दूँ।
ब्रिज
मुझे भर दे... अपनी रूह से,
मुझे भर दे... अपने प्रेम से,
मेरे अंदर जो खालीपन है,
भर दे अपनी मौजूदगी से।
मैं तेरा हूँ...
मैं तेरा हूँ...
मेरी हर साँस में तू है।
मैं तेरा हूँ...
मैं तेरा हूँ...
मेरी हर आस में तू है।
आराधना
तू ही चाहिए...
तू ही चाहिए...
मेरी रूह को तू ही चाहिए।
तू ही चाहिए...
तू ही चाहिए...
मेरे दिल को तू ही चाहिए।
ना कोई और...
ना कोई और...
मेरी प्यास को बुझा सके।
मेरे यीशु...
मेरे यीशु...
सिर्फ़ तू ही मुझे भर सके।
अंतिम कोरस
मेरी रूह तुझे ढूँढती है,
मेरी रूह तुझे चाहती है,
जैसे धरती बारिश चाहे,
वैसे तुझे पुकारती है।
तू ही मेरा जीवन है,
तू ही मेरी आस है,
मेरे यीशु, मेरे ख़ुदा,
तू ही मेरी प्यास है।
तू ही मेरी प्यास है...
तू ही मेरी आस है...
तू ही मेरी ज़िंदगी...
तू ही मेरा ख़ुदा है।
समापन
मेरी रूह तुझे ढूँढती रहे,
मेरा दिल तुझे चाहता रहे,
जब तक मेरी साँसें चलती रहें,
तेरा नाम मेरे होंठों पर रहे।
मेरे ख़ुदा...
मेरे यीशु...
मेरी रूह को तू ही चाहिए...
आज भी... हमेशा भी।
