मेरी रूह तुझे ढूँढती है
प्रस्तावना मेरी रूह तुझे ढूँढती है, मेरी रूह तुझे पुकारती है, सूखे हुए इस दिल की ज़मीन, तेरी बारिश को चाहती है। मेरे ख़ुदा… मेरे ख़ुदा… मुझे बस तू चाहिए… मेरे यीशु… मेरे यीशु… मुझे बस तू चाहिए… अंतरा 1 सुबह की पहली किरण में, तेरा चेहरा मैं खोजूँ, रात की खामोशी में भी, तेरी
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