पवित्र पवित्र मेरे मसीहा
प्रस्तावना पवित्र… पवित्र… मेरे मसीहा, तेरे जैसा कोई नहीं… टूटे हुए इस दिल की आवाज़, तूने सुनी है हर कहीं… अंतरा 1 जब दुनिया ने मुझको ठुकराया, तूने मुझे गले लगाया, जब आँखों में आँसू थे मेरे, तूने अपना हाथ बढ़ाया। मैं गिरा जब राहों में, तूने मुझे उठाया, मेरे सारे पापों का बोझ, अपने
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